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Thursday, June 17, 2010

वुवुज़ेला पर बहस




PRAMOD JOSHI
विश्व कप में कौन जीतेगा या हारेगा पर कयासबाज़ी पहले से चल रही थी। अब इस बात पर बहस है कि वुवुज़ेला बजाना ठीक है या नहीं।एएफपी  की रपट के मुताबिक ऑनलाइन कम्युनिटी के लिए यह जबर्दस्त मुद्दा है। मज़ा यह है कि इस दौरान वुवुस्टॉप नाम के ईयर प्लग्स की बिक्री भी जोरों पर है। इस रपट में एक ईयर प्लग विक्रेता का ज़िक्र है जिसका कहना है कि उसने 200 ईयर प्लग बेचे। पर अगर उसके पास 300 होते तो वे भी बिक जाते।


शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका और मैक्सिको के बीच मैच के दौरान कुछ देर के लिए अचानक 
वुवुज़ेला खामोश हो गए थे। ऐसा तब हुआ जब मैक्सको के मार्केज़ ने दक्षिण अफ्रीका पर बराबरी का गोल दागा।


फेसबुक और यूट्यूब पर वुवुज़ेला प्रेमी और उसके आलोचक आपस में भिड़ गए हैं। बहस इतनी जोरदार है कि एक 
वैबसाइट खुल गई है। ईएसपीएन के कमेंटेटर इस पींपी से खासे नाराज़ हैं। आप चाहें तो इस बहस में कूद पड़ें। हो सकता है आप टीवी न देख पाए हों और चाहते हों कि आखिर कैसी आवाज़ है जिसपर हंगामा बरपा है तो यहाँ क्लिक करें और सुनें।और अगर आपके पास वुवुज़ेला है और उसे बजाना सीखना चाहते हैं तो इधर चले आएं। 

वुवुझेला है क्या ?



दक्षिण अफ्रीका में हो रहे विश्व कप का टीवी प्रसारण देखने पर एक खास तरह का शोर सुनाई पड़ता है। लगता है मधुमक्खियाँ भिनभिना रहीं हैं। यह वुवुज़ेला बज रहा है। वुवुज़ेला करीब आधे से एक मीटर तक लम्बा भोंपू है, जिसे दर्शक मौज-मस्ती में बजा रहे हैं। एक वुवुज़ेला पूरी शिद्दत से बजाया जाए तो 131 डैसिबल की आवाज़ करता है। और हजारों एक साथ बजें तो? प्रतियोगिता के पहले रोज़ 90,000 दर्शकों में से 10 प्रतिशत ने भी इसे बजाया होगा तो करीब 10,000 वुवुजेलाओं को तो आपने झेला ही होगा।


विकिपीडिया से पता लगा 
वुवुजेला की ईज़ाद मैक्सिको में हुई। वहीं जहाँ मैक्सिकन वेव की ईज़ाद हुई। वहाँ यह टीन का बनता था। इसे ब्राज़ील में भी बजाया जाता है। बाद में यह अल्युमिनियम का बनने लगा। दक्षिण अफ्रीका में इन दिनों प्लास्टिक के वुवुज़ेला बज रहे हैं। वुवुज़ेला से कान को नुकसान होता है। इसकी आवाज़ दरअसल हाथी के चिंघाड़ने जैसी होती है। इससे बहरापन पैदा हो सकता है। कारोबारियों के पास इसका भी इलाज़ है। जितने लोग वुवुज़ेला खरीद रहे हैं, उतने ही ईयर प्लग भी खरीद रहे हैं। बेचने वालों को दक्षिण अफ्रीकी दर्शकों के शौक का पता था, सो उन्होंने पहले से इंतज़ाम करके रखा है। 25 रैंड में एक जोड़ी। तुम्हीं ने दर्द दिया.....

साभार - http://pramathesh.blogspot.com

2 comments:

  1. फुटबॉल फीवर यानी फीफा, मुझे क्रिकेट तो पसंद नहीं और न ही समझ आता है, लेकिन फुटबॉल रोचक खेल लगता है।

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  2. bahut shandar jaankari. mujhe football or cricket ka shok nahi lekin fir bhi pura padha or naye baaten janane ko mili. thanku

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